Window Air Conditioner Freon Refill | In Hindi |

 आज हम देखेंगे कैसे window air conditioner में गैस चार्जिंग करते हैं

Window Air Conditioner Freon refill tool requires

 दोस्तों हमें सबसे पहले Window Air Conditioner me Freon refill करने के लिए चाहिए होते हैं उसके लिए जरूरी टूल्स
 ज मुख्य रूप से इस प्रकार हैं
 

  • प्लास पेचकस
  • चार्जिंग लाइन
  •  नाइट्रोजन गैस प्रेश
  • गैस सिलेंड
  • वेक्यूम पं
  • ब्लू लैंप टॉर्
  • बत्ती साइट
  • वेल्डिंग रोड
  • एम्पीयर मीटर
  • लीकेज चेक करने के लिए गद्दी   
  • झाग बनाने के लिए साबुन
  • सिलेंडर की चाबी आदि.




दोस्तों जो हमने टूल्स बताएं हैं वह ( Window Air Conditioner me)मुख्य रूप से गैस चार्जिंग करने में काम में आते हैं .
 गैस चार्जिंग करने के लिए सबसे पहले हमें एसी को अगर वह विंडो एसी है उस ऐसी को   एसी के फ्रेम से बाहर निकालेंगे उसके बाद Aसी को किसी सही जगह पर रख कर आपको काम करने में परेशानी ना हो  पर रख करके उसका ऊपर का बोनेट खोलेंगे .


और कंडेनसर और कूलिंग कॉइल per dekhenge  कि उनके ऊपर कहीं पर भी ऑयल ya fir ऑयल का धब्बा तो नजर नहीं आ रहा है.


 ज्यादातर क्या होता है कि जब गैस निकल जाती है तो जहां से गैस लीक होती है मुंहासे ऑयल बाहर आ जाता है इससे हमें आसानी से पता चल जाता है की लीकेज कहां पर है आज हम कंप्रेसर के पास सक्शन पाइप जो मोटा hoya h usme एक गैस चार्जिंग के लिए प्वाइंट दिया होता है

                          जहां से गैस एसी के उसको काटकर के सबसे पहले हम उसमें एक    पिन वाल को   ब्लू लैंप या फिर   बत्ती सेठ  और रोड की मदद से वेल्डिंग कर देंगे

 

 

Freon Refill Nitrogen testing in Window Air Conditioner

यदि हमें ऑयल का धब्बा नजर नहीं आया है तो सबसे पहले हम जो हमने piनवाल लगाया है उसके अंदर चार्जिंग लाइन लगाएंगे फिर हम गेज के अंदर दूसरी चार्जिंग लाइन लगाएंगे उसके अंदर अब हमें नाइट्रोजन गैस कंप्रेशर डालना है जिससे हमें लीकेज को ढूंढना है विंडो एसी में ढाई सौ पीएसआई डालकर नाइट्रोजन गैस के सिलेंडर को बंद कर देना है,


 ध्यान रहे नाइट्रोजन गैस का प्रेशर बहुत ज्यादा हाई होता है तो नाइट्रोजन के  सिलेंडर को धीरे धीरे खोलना चाहिए जिससे प्रेशर धीरे धीरे ऐसी के अंदर जाए एक साथ पूरा खुल जाएगा तो ऐसी  के फट जाने के चांसेस होते हैं क्योंकि नाइट्रोजन का प्रेशर बहुत तेज होता है


 अब हम गद्दी या फॉर्म के मदद से किसी एक में पानी लेकर स  सर्फ डालकर झाग बनाएंगे

 उठ जाग की मदद से हम कूलिंग कोयल और कंडेनसर  को अच्छी तरह से चेक करेंगे की लीकेज कहां पर है उसके बाद सारे पाइप्स के सारी जॉइंट्स को हम बारी बारी से चेक करेंगे जहां से भी लिखित होगी वहां पर बिल्कुल टायर पंक्चर की तरह बुलबुले उठ नहीं लगेंगे लीकेज कभी-कभी बहुत भारी होती है उसको बहुत ध्यान से देखना पड़ता है और कभी कभी ढाई सौ प्रेशर डालने के बाद भी गलती है तो हमें प्रेशर  को बढ़ाना होता है



Freon Refill  in Window Air Conditioner After Find the Leakage


यदि हमें  लीकेज मिल जाती है तो

 तो हमें नाइट्रोजन का सारा प्रेशर पिन वालों के जरिए से सारा प्रेशर उड़ा देना चाहिए फिर  हमें  ब्लू  लैंप या बत्ती से ट की मदद से उस जगह को वेलd करके बंद करना होता है उसके बाद फिर से कुछ प्रेशर डालकर लीकेज फिर से चेक करनी चाहिए .

यदि सही है तो फिर Window air conditioner ka सारा प्रेशर उड़ाकर  वेक्यूम पंप से ऐसी को 15 से 20 मिनट तक वेक्यूम करना चाहिए उसके बाद वेक्यूम पंप की रनिंग कंडीशन में गेज को बंद करके गैस का सिलेंडर लगा देना चाहिए तथा उसके अंदर गैस थोड़ी सी डाल देनी चाहिए जिससे उसका वेक्यूम टूट जाए.



 उसके बाद ऐसी को ऑन कर दीजिए देसी कंप्रेसर स्टार्ट होता है फिर हमें धीरे-धीरे गैस डालनी चाहिए ऐसी भी बिल्कुल हमारी तरह काम करता है जिस तरह हम थोड़ा थोड़ा निवाला बनाकर खाना खाते हैं बिल्कुल उसी तरह गैस को भी थोड़ा थोड़ा करके एसी के अंदर डालना चाहिए.


 एसी के अंदर गैस उसी के अनुसार डालेगी Aसी 11.5 ton या फिर 2 टन या फिर 1 टन का है हर एसी के ऊपर लिखा हुआ होता है केंद्र की कौन सी गैस जाएगी गैस का कोड क्या है कितने किलोग्राम गैस डालनी है और ऐसी रनिंग सही कंडीशन में कितने एंपियर लेगा उसको भी हमें एम्पीयर मीटर से माप लेते हैं  जब हमारी गैस चार्जिंग कंपलीट हो जाती है,



 सावधानियां

 गैस चार्जिंग करते समय हमें बहुत सी सावधानियां बरतनी चाहिए………


  1.  सबसे पहले तो हमें यह ध्यान देना चाहिए कि जिस किसी के अंदर हम गैस चार्जिंग करने जा रहे हैं उस एसी को किसी दूसरे प्रोफेशनल ने रिपेयर या फिर चेक तो नहीं किया है इस चीज को हमें  अपने क्लाइंट से पहले ही पूछताछ कर लेनी चाहिए. 
  2. अक्सर यह होता है कि कोई दूसरा प्रोफेशनल उस एसी में काम करके गया होता है और अक्सर प्रोफेशनल्स एसी के अंदर नाइट्रोजन गैस को लीकेज टेस्टिंग के लिए होल्ड करके चले जाते हैं यदि इसी के अंदर नाइट्रोजन गैस होल्ड है और आप एसी को ऑन कर देते हैं तो कंप्रेसर हंड्रेड परसेंट फटी या ब्लास्ट हो जाता है
  3.  एसी के अंदर गैस चार्जिंग करते समय जब हम ऐसी के अंदर  नाइट्रोजन गैस को डालकर लीकेज चेक करते हैं और हमें मिल भी जाती है तो हम भूल जाते हैं  के एसी के अंदर  प्रेशर होल्ड है और हम उसे ऐसे ही वेल्डिंग करके लीकेज को बंद करने लगते हैं तो हमें यहां पर भी  सावधानी बरतनी चाहिए कभी भी नहीं भूलना चाहिए बहुत ध्यान से काम करना चाहिए
  4. अगर किसी ऐसी जगह पर  लीकेज मिल जाती है जहां पर वेल्डिंग करने से एसी   की प्लास्टिक बॉडी के जल जाने का खतरा हो तो वहां पर हमें  लोहे की पत्ती का इस्तेमाल करना  चाहिए
  5.  एसी के अंदर कौन सी गैस है इस चीज का हम पहले से पता होना चाहिए ऐसा ना हो कि हम कोई दूसरी गैस ऐसी के अंदर डाल दें तो भी ऐसी कि फट जाने का  खतरा होता है क्योंकि अलग अलग गैसेस का अलग अलग प्रेशर होता है
  6. जिस एसी में जितनी गेस की जरूरत है उसमें उतनी ही गैस डालनी चाहिए ध्यान देना चाहिए कि उसके अंदर ज्यादा गैस ना चली जाए क्योंकि कभी-कभी कैपिलरी या फिर फिल्टर के चौक होने पर गैस का प्रेशर कम दिखाता है और हम उस पर ध्यान ना देते हुए गैस डालते रहते हैं डालते रहते हैं 1 किलो गैस डालनी है वहां पर हम  डेड य फिर 2 कि लो तक डाल देते हैं जो खतरनाक साबित हो सकती है



Note:- 

गैस वैसे तो कई तरह की होती है

 और सारी गैसेस का अलग अलग एसी के अंदर रनिंग और स्टैंड प्रेशर चलता है
 विंडो एसी के अंदर r22 गैस ही  आपको देखने को मिलती है
 और r22 गैस का प्रेशर रनिंग कंडीशन में  60 से 65 के बीच में होता है
 हिंदी से कम होगा या फिर ज्यादा होगा तो कॉलिंग पर इफेक्ट पड़ेगा
 और इसका स्टैंड प्रेशर डेढ़ सौ  होता है
  यदि आपका ऐसी बंद है!

Is your air conditioner not blowing cold air?

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